झकास

हाँ मुझे अपने ब्लॉग का अब सही नाम मिल गया है.अलग-अलग ब्लॉग को पढ़कर मैं सोच रहा था की मैं भी अपने ब्लॉग का कुछ ऐसा नाम रखूँ की बस---सब बोलने लगे की वाह क्या नाम है?अभी सोच ही रहा था की मेरी १२ साल की बेटी आकर खड़ी हो गयी मेरे पास और कुछ-कुछ बोलने लगी.मेने कहा जाओ ,मुझे सोचने दो ब्लॉग का नया नाम,तभी वह बोल उठी--झकास.बस मुझे नाम मिल गया--झकास.सचमुच हमेसा तरो-तजा रहने वाला मैं,मेरी योजना,मेरी कल्पना और मेरा स्वप्निल संसार --झकास ही तो है.चकाचक और तरोताजा.सो अब झकास को देखिये,झकास को पढिये,झकास पर कमेन्ट करिए.आप और हम मिलकर झकास ही करेंगे.अरे हाँ.किसी भाई या बहन ने झकास नाम से पेटेंट तो नही करा लिया है--अगर ऐसा है तो बता देना यार.तब फिर बदल लूँगा ब्लॉग का नाम.तब तक झकास ही चलेगा.नहीं यार दौडेगा.आप सब भी दौडो न मेरे साथ.

टिप्पणियाँ

  1. झकास,पर तो सब कुछ झकास ही मिलेगा।सर जी ये वर्ड वेरिफ़िकेशन का टैग हटा लेंगे तो कमेण्ट करने मे आसानी होगी॥

    जवाब देंहटाएं

एक टिप्पणी भेजें

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

नये भारत की परिकल्पना: आचार्य ज्योतीन्द्र प्रसाद झा 'पंकज' की कविताओं का गहन अध्ययन

ग़ज़ल बे-बहर (नज़्म ही मेरी आवाज़ है )