प्यार पे ऐतबार कर लेना
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अमर पंकज
(डॉ अमर नाथ झा)
दिल्ली विश्वविद्यालय
मोबाइल-9871603621
प्यार पे ऐतबार कर लेना
इस तपिस में बहार कर लेना।
कर रहे हो सफ़र अगर तन्हा
दिल नहीं बेक़रार कर लेना।
नाव गर डूबती हो साहिल पे
मौज़ से तुम तो प्यार कर लेना।
कामयाबी मिले नसीबों से,
तुम मुहब्बत शुमार कर लेना।
जब उजाला लगे तुम्हें डसने
बन्द आँखों को यार कर लेना
आग मौसम लगे उगलने तो
बस 'अमर' इंतजार कर लेना।

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