गुरुवार, 19 फ़रवरी 2009

कर्मठता

कल यानि १८ फरवरी को अशोक जाटव जी ने अपने पितजी की ६७वी जन्म तिथि पर जो कुछ सुनाया वह अत्यंत
ही प्रेरणास्पद था.हमने उसे जिस तरह समझा उसकी सबने तारीफ़ भी की.यहाँ भी उसे बताना चाहता हूँ.

6 टिप्‍पणियां:

  1. आपका हिंदी ब्लॉग जगत में स्वागत है .आपका लेखन सदैव गतिमान रहे ...........मेरी हार्दिक शुभकामनाएं......

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  2. बहुत सुंदर…..आपके इस सुंदर से चिटठे के साथ आपका ब्‍लाग जगत में स्‍वागत है…..आशा है , आप अपनी प्रतिभा से हिन्‍दी चिटठा जगत को समृद्ध करने और हिन्‍दी पाठको को ज्ञान बांटने के साथ साथ खुद भी सफलता प्राप्‍त करेंगे …..हमारी शुभकामनाएं आपके साथ हैं।

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  3. ब्लोगिंग जगत में स्वागत है
    शुभकामनाएं
    भावों की अभिव्यक्ति मन को सुकुन पहुंचाती है।
    लिखते रहि‌ए लिखने वालों की मंज़िल यही है ।
    कविता,गज़ल और शेर के लि‌ए मेरे ब्लोग पर स्वागत है ।
    मेरे द्वारा संपादित पत्रिका देखें
    www.zindagilive08.blogspot.com
    आर्ट के लि‌ए देखें
    www.chitrasansar.blogspot.com

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